🚩 राष्ट्रीय हिन्दू संगठन नियमावली

संगठन का पूर्ण संविधान

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र दुबे 'सत्य' जी के दिशा-निर्देशन में निर्मित संगठन की आधिकारिक संगठनात्मक संरचना, पदानुक्रम एवं नियमावली।

Swami Vivekananda

सनातन चेतना मार्गदर्शक

स्वामी विवेकानन्द

"उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"

सत्य ऐतिहासिक स्थापना

३० सितम्बर २०१३

महाबलिदानी श्री चन्द्र शेखर आजाद जी की प्रतिमा के सम्मुख कतिपय संकल्पों के साथ स्थापना।

Chandra Shekhar Azad

स्थापना साक्षी व प्रेरणा

चन्द्र शेखर आजाद

"दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।"

📜 संगठन प्रकल्प पृष्ठभूमि (Inception Preamble)

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, उसकी उन्नति का आधार उसकी मान्यताएं होती हैं। समय के साथ-साथ मान्यताएँ भी परिवर्तित होती रहती हैं। एक ऐसा भी समय था जब सम्पूर्ण विश्व में एक मात्र सनातन धर्म ही सार्वभौमिक धर्म हुआ करता था। आज भी विश्व के अनेक भू-भागों में सनातन धर्म के प्रमाण मिलते हैं, भले ही वे अवशेष के रूप में ही क्यों न हों।

समय के साथ-साथ अनेक मत-पंथ अस्तित्व में आये और चले गये, जिसमें से कुछ शांति के पक्षधर रहे तो कुछ उग्र पंथ। कुछ पंथियों ने छल दम्भ को अपनाया, किन्तु उन सब में एक प्रवृत्ति समान थी— अपने मत अथवा पंथ को सर्वोपरि व सर्व श्रेष्ठ सिद्ध करना। अपने मत/पंथ के प्रचार-प्रसार हेतु वे किसी भी हथकण्डे को अपनाने से परहेज नहीं करते रहे हैं।

अपने इस घृणित एवं कुत्सित कार्य को सम्पादित करने हेतु उन्होंने भारतीय संविधान को भी अस्त्र के रूप में प्रयोग करना प्रारम्भ कर दिया है। उदाहरण के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद 26 से 30 तक तथा अनुच्छेद 116 व 116(A), स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति तथा अल्पसंख्यक नीति और धर्म निरपेक्षता की आड़ में वे सनातन धर्म का विरोध व क्षरण करने में लगे रहे हैं।

भारत में भारत का संविधान लागू होने से लेकर अब तक भिन्न-भिन्न स्तर पर चाहे वे सत्ता रूढ़ दल हों या वाम पंथी इतिहासकार हों, जिन्होंने भारत के प्राचीन गौरवशाली इतिहास को क्षति पहुंचा कर या फिर राजनैतिक संरक्षण प्राप्त अलगाववाद के प्रतिपादक, सभी अपने-अपने तरीके से सनातन धर्म एवं संस्कृति के पराभव का उपक्रम करने में संलिप्त रहे हैं।

सनातन धर्म के ह्रास के क्रम में हमारी सामाजिक संरचना जैसे- बेरोजगारी, विषम पूंजी वितरण, सनातन धर्म से विलग होकर अस्तित्व में आए, उप धर्म, मत, पंथ, सम्प्रदाय, धन व सत्ता लोलुप धर्माधिकारी आदि प्रमुख कारण रहे हैं। वर्तमान में, पूर्ववर्ती हिन्दू वादी संगठन भी हिन्दू एवं हिन्दू धर्म के हित में कुछ भी विशेष करने में प्रायः अक्षम ही सिद्ध हुए हैं।

भाषा, क्षेत्र तथा दलित-सवर्ण आदि विषयों पर भी हिन्दू समुदाय को बाँटने के प्रयास अपने चरम पर हैं। इन सभी प्रभावकारी कारणों एवं कारकों के निष्क्रियण हेतु सम्पूर्ण समाधानकारी विचारों ने एक अलग प्रकार के सक्षम संगठन के निर्माण की अवधारणा को जन्म दिया।

संगठन के मार्गदर्शक सिद्धांत

११ मूल संकल्प (11 Core Resolutions)

दिनांक ३०/०९/२०१३ को श्री चन्द्र शेखर आजाद जी की प्रतिमा के सम्मुख लिए गए संगठन के संस्थापक संकल्प

सनातन धर्म एवं संस्कृति रक्षार्थ जागृति

सनातन धर्म एवं संस्कृति की रक्षार्थ जागृति उत्पन्न करना।

अखण्ड हिन्दू राष्ट्र

अखण्ड हिन्दू राष्ट्र के निर्माण हेतु मार्ग प्रशस्त करना।

गौवंश संरक्षण

गौवंश की हत्या रोकना एवं उनके संवर्धन हेतु गऊ शालाओं की स्थापना व सहायता करना।

बाह्य व आन्तरिक आघातों से क्षरण रोकना

सनातन धर्म व संस्कृति पर होने वाले बाह्य एवं आन्तरिक आघातों से हो रहे क्षरण को रोकना।

सामाजिक समरसता

जातिवाद, छुआछूत जैसी कुप्रथाओं को समाप्त कर सामाजिक समरसता उत्पन्न करना।

धर्म विरोधियों का सामना व निर्मूलन

सनातन धर्म के विरोधियों का डटकर सामना करना एवं उनका वैचारिक/कानूनी निर्मूलन करना।

समर्थकों का सहयोग

सनातन धर्म के समर्थकों, संतों एवं आचार्यों का सहयोग करना व उनका सम्मान करना।

गुरुकुल पद्धति से रोजगारपरक शिक्षा

प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति का आधुनिक रोजगारपरक शिक्षा के साथ समन्वय कर शिक्षा केंद्रों की स्थापना करना।

देवनागरी व संस्कृत को सम्मान

Devanagari Script तथा संस्कृत भाषा के सम्मान व प्रचार-प्रसार हेतु कार्य करना।

१०

गैर-भारतीय भाषाओं का बहिष्कार

दैनिक व्यवहार में गैर-भारतीय भाषाओं एवं विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण का बहिष्कार करना।

११

वैश्विक स्तर पर बिना भेदभाव सहायता

वैश्विक स्तर पर सनातनी समाज को एकजुट करना तथा बिना किसी भेदभाव के पीड़ित मानवता की सेवा करना।

केन्द्रीय संगठनात्मक ढांचा

संविधान पृष्ठ ६ के अनुसार राष्ट्रीय हिन्दू संगठन का शीर्ष संगठनात्मक ढांचा

राष्ट्रीय परिषद (National Council)
शीर्ष मार्गदर्शक

राष्ट्रीय संरक्षक मण्डल

संगठन के परम मार्गदर्शक एवं आध्यात्मिक संरक्षक गण।

Shrimant Indra Kumar Chaturvedi Ji

Shrimant Indra Kumar Chaturvedi Ji

मुख्य संरक्षक

RHS000000

राष्ट्रीय अभिभावक मण्डल

संगठनात्मक गतिविधियों एवं राष्ट्रनीति पर मार्गदर्शन प्रदान करने वाले वरिष्ठ मनीषी।

वरिष्ठ अभिभावक मण्डल सदस्य (आवश्यकतानुसार मनोनयन)
राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद
👑 राष्ट्रीय कमेटी (National Committee)

केन्द्रीय स्तर की विशेषज्ञ समितियां

🗳️ चयन समिति (Selection Committee)

संगठन के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के चयन, योग्यता और नियुक्ति मानदंडों का निर्धारण करने वाली शीर्ष नीतिगत समिति।

⚖️ निर्णायक समिति (Decisive Committee)

संगठनात्मक निर्णयों, विवादों के निपटारे, और सर्वोच्च नीतिगत निर्णयों की अंतिम व्याख्या करने वाली निर्णायक संस्था।

📖 नीति निर्देशक समिति (Policy Committee)

संगठन के दीर्घकालिक विज़न, सामाजिक अभियानों, और राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की मार्गदर्शिका तैयार करने वाली समिति।

💰 वित्त प्रबन्धन एवं नियंत्रण समिति

संगठन के वित्तीय स्रोतों के नियमन, ऑडिट, और सहयोग राशियों के पारदर्शी प्रबंधन के लिए उत्तरदायी समिति।

🛡️ अनुशासन समिति (Discipline Committee)

संगठन के नियमों, आचरण संहिताओं का पालन सुनिश्चित करने तथा अनुशासनहीनता के मामलों की समीक्षा करने वाली समिति।

🚩 सांस्कृतिक कार्य समिति

सनातन कला, उत्सव, साप्ताहिक मिलन और सांस्कृतिक चेतना जागृति से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करने वाली समिति।

सर्वोच्च मार्गदर्शक मण्डल

राष्ट्रीय परिषद (National Council) नियमावली

संविधान के अनुच्छेद ११ से १७ के अनुसार राष्ट्रीय परिषद की संरचना एवं शक्तियां

👥 संगठनात्मक ढांचा व स्वरूप

  • अनु. ११:

    राष्ट्रीय परिषद एक स्थाई परिषद है। इसके समस्त सदस्य आजीवन इसके सदस्य रहेंगे।

  • अनु. १२:

    वर्तमान में सदस्यों की संख्या चार (४) है, जिसे मुख्य ट्रस्टी के विवेक एवं निर्णय पर भविष्य में बढ़ाया जा सकता है।

  • अनु. १४:

    परिषद के शेष दो परामर्शदाता सदस्यों के मनोनयन का अधिकार पूर्णतः मुख्य ट्रस्टी के पास सुरक्षित है।

🎖️ वर्तमान सदस्य एवं पद (अनु. १३)

मा. सत्येन्द्र दुबे 'सत्या'

मुख्य ट्रस्टी

सर्वोच्च शक्ति

मा. इन्द्र कुमार चतुर्वेदी

मुख्य संरक्षक

परामर्शदाता

परामर्शदाता सदस्य

मुख्य ट्रस्टी द्वारा मनोनीत होना शेष

रिक्त

परामर्शदाता सदस्य

मुख्य ट्रस्टी द्वारा मनोनीत होना शेष

रिक्त
⚖️

अंतिम निर्णय एवं वीटो अधिकार (अनुच्छेद १५)

संगठन के किसी भी निर्णय को अंतिम रूप से लेने का अधिकार मुख्य ट्रस्टी (मा. सत्येन्द्र दुबे 'सत्या') के पास सुरक्षित होगा। शेष तीनों सदस्य केवल उन्हें परामर्श प्रदान करेंगे।

🏛️ संगठनात्मक अधिकार एवं समितियां (अनुच्छेद १६)

राष्ट्रीय परिषद द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कमेटी, केन्द्रीय चयन समिति तथा केन्द्रीय निर्णायक समिति का गठन किया जाएगा।

अनुच्छेद १६-A:

राष्ट्रीय कमेटी के गठन के उपरांत, उसमें नवीन पदों का विस्तार करने का अधिकार केन्द्रीय चयन समिति को होगा।

अनुच्छेद १६-B:

संगठन के नियमन, वित्तीय ऑडिट, और नीतिगत अनुपालन संबंधी सर्वोच्च निर्णयों के लिए निर्णायक समिति उत्तरदायी होगी।

⚠️ संविधान संशोधन की विशेष प्रक्रिया:

यदि निर्णय संविधान में संशोधन का है, तो २४ ट्रस्टियों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। यह संशोधन केवल संविधान के मूल स्वरूप को बिना परिवर्तित किए ही किया जा सकेगा।

👑

विशेष विशेषाधिकार (अनुच्छेद १७)

राष्ट्रीय परिषद का कोई भी सदस्य राष्ट्रीय कमेटी में भी महत्वपूर्ण दायित्व संभाल सकता है। यह पूर्णतः राष्ट्रीय परिषद के मुख्य ट्रस्टी का विशेषाधिकार होगा।

RHS के प्रमुख प्रकोष्ठ व शाखाएं

संविधान पृष्ठ १४ के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले संगठन के आयाम

🛡️ वीरांगना प्रकोष्ठ महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा
⚖️ विधि प्रकोष्ठ कानूनी मार्गदर्शन एवं न्याय संरक्षण
💼 व्यापारिक प्रकोष्ठ व्यापारी कल्याण एवं आर्थिक सहयोग
🎖️ पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ राष्ट्ररक्षा के सेवानिवृत्त रक्षक
केन्द्रीय संचालन RHS राष्ट्रीय हिन्दू संगठन
🎓 विद्यार्थी प्रकोष्ठ युवा जागृति एवं राष्ट्र निर्माण
🩺 चिकित्सक प्रकोष्ठ स्वास्थ्य सेवा एवं चिकित्सा शिविर
📖 शिक्षक प्रकोष्ठ सनातन संस्कृति व इतिहास शिक्षा

राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद संरचना

संविधान पृष्ठ ७ के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का संगठन प्रवाह

🏢 संगठन मंत्री संगठनात्मक समन्वय
🤝 संयोजक समिति व्यवस्थापक
📢 राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभारी अभियान प्रभारी
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष
Satendra Dubey 'Satya' Ji

Satendra Dubey 'Satya' Ji

राष्ट्रीय अध्यक्ष / संस्थापक

RHS000001

संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय हिन्दू संगठन। 30 सितंबर 2013 को अल्फ्रेड पार्क, प्रयागराज में संगठन की स्थापना की।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
Khemchand Saraswat Ji

Khemchand Saraswat Ji

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

RHS000002

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय हिन्दू संगठन। संगठन के विस्तार और प्रांतीय कार्यवाहकों के समन्वय में सक्रिय योगदान।

खेम चन्द्र सारस्वत

खेम चन्द्र सारस्वत

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

RHS002122

प्रशासनिक धुरी

केन्द्रीय नीति क्रियान्वयन एवं राष्ट्रीय पत्राचार हेतु उत्तरदायी पदाधिकारी

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री

दायित्व रिक्त (संवैधानिक सीमा: ३)

राष्ट्रीय महासचिव
रमेश ओझा (स्तर 2 - राष्ट्रीय महासचिव)
RHS005199

केन्द्रीय कार्यकारी व विभागीय सदस्य

राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न शाखाओं और दायित्वों के प्रभारी

💼
राष्ट्रीय मंत्री

संवैधानिक सीमा: ५ पद

📝
राष्ट्रीय सचिव

संवैधानिक सीमा: ५ पद

💰
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

वित्तीय प्रबंधन (Treasurer)

💸
राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष

सहायक लेखा-जोखा नियंत्रक

🎤
राष्ट्रीय प्रवक्ता

मीडिया व्याख्याता

📱
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी

सूचना एवं जनसंपर्क

💻
राष्ट्रीय आईटी प्रमुख
अभिषेक चौरसिया (स्तर 1 - National IT Head)
🚩
आमंत्रित सदस्य

विशिष्ट आमंत्रित सदस्य मण्डल

प्रादेशिक (प्रदेश) संगठनात्मक नियमावली

संविधान पृष्ठ ८ और ९ के अनुसार प्रदेश स्तर की समितियों एवं पदाधिकारियों का ढांचा

🗳️

प्रादेशिक चयन समिति

प्रदेश स्तर पर योग्य पदाधिकारियों के निर्वाचन, मूल्यांकन एवं संस्तुति के लिए ७ सदस्यीय चयन समिति का गठन निम्नानुसार किया जाता है:

  1. प्रदेश प्रभारी (State In-charge)
  2. प्रदेश संगठन मंत्री (State Org Secretary)
  3. प्रदेश अध्यक्ष (State President)
  4. प्रदेश महामंत्री (State General Secretary)
  5. प्रदेश मंत्री (State Secretary)
  6. प्रकोष्ठ प्रतिनिधि - १ (Cell Representative - 1)
  7. प्रकोष्ठ प्रतिनिधि - २ (Cell Representative - 2)
⚖️

प्रादेशिक निर्णायक समिति

प्रदेश स्तर पर नीतिगत विवादों, व्याख्याओं और अन्तिम निर्णयों हेतु मार्गदर्शक मण्डल के संरक्षण में समिति का गठन होता है:

  • प्रदेश संरक्षक (State Patron) के सर्वोच्च दिशा-निर्देशन में कार्य करेगी।
  • समिति में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय महासचिव, क्षेत्रीय मंत्री शामिल होंगे।
  • विशिष्ट विभागों के संयोजक एवं विभागीय प्रमुखों को आवश्यकतानुसार सदस्य नियुक्त किया जाएगा।

प्रदेश कार्यकारिणी समिति प्रवाह

👴 प्रदेश संरक्षक (State Patron)
🚩 प्रदेश अध्यक्ष (State President)
सुरेश त्रिपाठी (स्तर 3 - प्रदेश अध्यक्ष) Anurag kashyap Dr Suniti Mund Gupteswar Behera Raghavkirti Ritesh shrivtastav T Vijay खोकन कुंडू डॉ दीपक पाठक रतन लाल विकास नाथ तिवारी
⚙️ प्रदेश संगठन मंत्री (State Org Secretary)
🤝 प्रदेश संयोजक (State Convenor)
👥
प्रदेश उपाध्यक्ष
DNJoydhar
🏢
प्रदेश महामंत्री

कुल पद: ३ (General Secretaries)

📝
प्रदेश महासचिव
दिनेश पाण्डेय (स्तर 4 - प्रदेश महासचिव)
💼
प्रदेश सचिव

कुल पद: ५ (Secretaries)

💰
प्रदेश कोषाध्यक्ष

सह-कोषाध्यक्ष के साथ

📱
प्रदेश मीडिया प्रभारी

सह-प्रभारी के साथ

💻
प्रदेश आईटी प्रमुख

डिजिटल प्रभारी

🚩
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य

स्थायी व आमंत्रित सदस्य

जिला स्तर संगठनात्मक ढांचा

संविधान पृष्ठ १० के अनुसार जिला स्तर के पदाधिकारियों का पदानुक्रम और सीमाएं

🤝 जिला संयोजक (District Convenor) जिला नीतिगत मार्गदर्शक
🚩 जिला अध्यक्ष (District President) हरीश चौबे (स्तर 5 - जिला अध्यक्ष) Adarsh Gautam Adv Deepak Dangwal Devendra Singh Lodhi Lad singh Thakur Mukesh kr. Sharma Nauraj Chettri Rajeev Rastogi Hindu SunnyBose amardeepchowdhry अजय राजपूत आशुतोष यादव नीरज रस्तोगी प्रा.सुरेश रामचंद्र वाघ. प्रिंस कुमार मिश्रा विजय सिंह बिष्ट

जिला उपाध्यक्ष (District Vice President)

AJAY SEMWAL Adv Dharmendra Sharma Ravindra Singhal देवेंद्र गर्ग
क्रमांक दायित्व / पद (Designation) वर्तमान पदाधिकारी (Active Leaders) संवैधानिक सीमा (Limits/Description)
1 जिला महामंत्री (District General Secretary) रिक्त अधिकतम सीमा: १ से ५ (प्रशासनिक प्रमुख)
2 जिला संगठन मंत्री (District Org Secretary) रिक्त अधिकतम सीमा: १ से ५ (संगठनात्मक विस्तार)
3 जिला महासचिव (District Secretary General)
आलोक मिश्रा (स्तर 6 - जिला महासचिव) (RHS005203) Mithlesh Kumar Singh (RHS000894)
अधिकतम सीमा: १ से ५ (विभागीय समन्वय)
4 जिला मंत्री (District Secretary) रिक्त अधिकतम सीमा: १ से ५ (सहायक पदाधिकारी)
5 जिला सचिव (District Joint Secretary)
उमेश कुमार (RHS002273)
अधिकतम सीमा: १ से ५ (कार्यालयी सहायता)
6 जिला कोषाध्यक्ष (District Treasurer)
Chandra Bhushan Shah (RHS000822)
जिला स्तर के वित्त प्रबंधन एवं कोष रक्षक
7 जिला मीडिया प्रभारी (District Media Incharge) रिक्त सूचना तंत्र, जनसंपर्क तथा जिला कार्यालय व्यवस्थापक

जिला कमेटी के पदाधिकारियों का पद संरचना

संविधान पृष्ठ ११ के अनुसार जिला स्तर के समस्त पदाधिकारियों का पदानुक्रम प्रवाह

🤝 जिला संयोजक समिति मार्गदर्शक
🚩 जिला अध्यक्ष जिले का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी
जिला उपाध्यक्ष कुल संख्या: १ से ५ तक
जिला महामंत्री १ से ५ महामंत्री
जिला संगठन मंत्री १ से ५ संगठन
जिला महासचिव १ से ५ महासचिव
जिला मंत्री १ से ५ मंत्री
जिला प्रचारक वैचारिक प्रसार
जिला सचिव १ से ५ सचिव
💰 जिला कोषाध्यक्ष कोष प्रबंधन
🎤 जिला प्रवक्ता मीडिया संवाद प्रमुख
📱 जिला मीडिया प्रभारी सूचना एवं प्रचार
🏢 जिला कार्यालय प्रभारी कार्यालय व्यवस्थापक

जिला स्तरीय समितियां

संविधान पृष्ठ ११ के अनुसार जिला स्तरीय विशेष निगरानी एवं संचालन समितियां

🛡️ जिला अनुशासन समिति अनुशासन एवं नीति पालन निर्धारण
👁️ जिला निगरानी समिति कार्यकलाप एवं संगठन गतिविधियों की समीक्षा
📊 जिला वृत्त प्रबन्धन एवं नियन्त्रण समिति वित्तीय पारदर्शिता एवं ऑडिट नियंत्रण
🏢 जिला स्तरीय समितियाँ मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक समिति समूह
🚀 जिला विस्तारक समिति नवीन सदस्यता एवं क्षेत्र विस्तार
📢 जिला प्रचारक समिति धर्म जागरण व जनसभा आयोजन
👴 जिला अभिभावक व संरक्षक मण्डल जिले के प्रबुद्ध जनों का सर्वोच्च मार्गदर्शक

तहसील/ब्लॉक/वार्ड/ग्राम कमेटी संरचना

संविधान पृष्ठ १० के अनुसार संगठन की जमीनी स्तर (Grassroots Level) की संगठनात्मक संरचना

👴 संरक्षक (Patron) समिति के स्थानीय मार्गदर्शक
🚩 अध्यक्ष (President) स्थानीय प्रशासनिक व कार्यपालिका प्रमुख
🤝 संयोजक (Convenor) समिति विस्तार एवं व्यवस्थापक
महामंत्री कार्य योजना क्रियान्वयन
उपाध्यक्ष सहायक प्रशासनिक
महासचिव विभागीय कार्य समन्वय
मंत्री पत्राचार व बैठक व्यवस्था
सचिव कार्यालयी सहयोग
💰 कोषाध्यक्ष वित्तीय हिसाब-किताब
💸 उपकोषाध्यक्ष सहायक वित्त प्रबंधन
📱 मीडिया प्रभारी स्थानीय समाचार व सूचना
सह मीडिया प्रभारी सूचना सहायक
👥 कार्यकारी सदस्य कमेटी के सक्रिय सदस्य
🏠 ग्राम सभा प्रमुख ग्राम स्तर के अग्रणी मार्गदर्शक
वित्तीय शुचिता एवं नियमन नियमावली

संगठनात्मक वित्तीय नीति

"कोषः धर्मस्य मूलम्" — संगठन के वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता हेतु सर्वोच्च नियमावली

💰

"दानं भोगो नाशस्तिस्रो गतयो भवन्ति वित्तस्य । यो न ददाति न भुङ्क्ते तस्य तृतीया गतिर्भवति ॥"

अर्थ: धन की तीन गतियां होती हैं — दान, भोग और नाश। जो व्यक्ति न तो दान करता है और न ही स्वयं उसका उपभोग करता है, उसके धन की तीसरी गति (अर्थात् नाश) निश्चित है। इसी सनातन सत्य को मानकर राष्ट्रीय हिन्दू संगठन अपनी वित्तीय प्रणालियों को निष्कलंक, निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाता है।

🕉️ १. सस्यता वित्त संग्रह प्रणाली (Sasyata Framework)

सस्यता राष्ट्रीय हिन्दू संगठन की एकमात्र अधिकृत वित्तीय सहयोग व्यवस्था है। इसके अंतर्गत प्रत्येक सांगठनिक कार्यकर्ता और साधारण सदस्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार मासिक/वार्षिक सहयोग राशि सीधे संगठन के सुरक्षित कोषालय में जमा करता है।

मासिक सस्यता शुल्क

सक्रिय सांगठनिक दायित्वों के निर्वहन हेतु मासिक आधार पर सहयोग राशि का भुगतान अनिवार्य है। इससे कार्यकर्ता की सांगठनिक सक्रियता मापी जाती है।

ई-प्रमाण पत्र एवं रसीद

भुगतान के तुरंत बाद सदस्य को सिस्टम द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित ई-प्रमाण पत्र (E-Certificate) और मासिक रसीद (Monthly Receipt) प्राप्त होती है।

गोलक दानी (Golak Dani)

साधारण शुभचिंतक सदस्य जो बिना किसी सक्रिय सांगठनिक पदभार के नियमित सूक्ष्म दान करते हैं, उन्हें "गोलक दानी" पद से अलंकृत किया जाता है।

🕉️ २. त्रि-कोषीय बहीखाता संरचना (Triple-Fund ledger)

पारदर्शिता और ऑडिट की शुद्धता के लिए संगठन के समस्त वित्तीय व्यवहारों को द्वि-प्रविष्टि (Double-Entry Ledger) लेखा प्रणाली के तहत तीन प्रमुख सांगठनिक कोषों में वर्गीकृत किया गया है:

सामान्य

सामान्य कोष (General Fund)

दैनिक सांगठनिक संचालन, कार्यालय अनुरक्षण, प्रशासनिक गतिविधियों, मुद्रण, और सामान्य सूचना प्रसार के लिए उत्तरदायी कोष।

समागम

साप्ताहिक समागम कोष (Samagam Fund)

प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले साप्ताहिक समागम, पूजा सामग्री, संदर्शिकाओं/पुस्तिकाओं के वितरण, धर्मसभाओं, और प्रसादम वितरण हेतु आरक्षित कोष।

अभियान

जन-जागरूकता व अभियान कोष (Aviyan Fund)

राष्ट्रव्यापी लोक-जागरण अभियानों, गौ-सेवा शिविरों, प्राकृतिक आपदाओं में सहायता शिविरों, सामाजिक समरसता रैलियों और डिजिटल सर्वेक्षण प्रणालियों के संचालन हेतु नियत कोष।

🕉️ ३. नकद प्रेषण और जमा नियम (Cash Remittance Integrity Rules)

जमीनी स्तर पर सांगठनिक समन्वयकों (Coordinators) द्वारा एकत्रित किए जाने वाले नकद (Cash) सस्यता शुल्क के प्रबंधन के लिए कठोर वित्तीय दिशा-निर्देश लागू हैं:

⏱️

२४ घंटे का जमा नियम (24-Hour Remittance Rule)

सांगठनिक संयोजक द्वारा किसी भी सदस्य से नकद प्राप्त किए जाने के अधिकतम २४ घंटों के भीतर उस राशि को बैंक ट्रांसफर या कोषाध्यक्ष को प्रत्यक्ष सुपुर्दगी द्वारा जिला कोषालय में हस्तांतरित करना अनिवार्य है।

💰

₹५,००० की अधिकतम नकद सीमा (Cash Limit Threshold)

एक सांगठनिक संयोजक अपने पास अधिकतम ₹५,००० तक की ही नकद राशि रख सकता है। जैसे ही कुल संग्रहित नकद ₹५,००० से अधिक होता है, शेष राशि को जिला तिजोरी में जमा करने तक संयोजक के नकद संग्रह अधिकार स्वतः ब्लॉक कर दिए जाते हैं।

🕉️ ४. वित्तीय विसंगति नियंत्रण एवं अलर्ट (Integrity Alerts)

लेखा प्रणाली में किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी, धोखाधड़ी या विलंब को पकड़ने के लिए सिस्टम में स्वचालित सुरक्षा अलार्म (Integrity Monitoring System) एकीकृत है:

खाता विसंगति (Balance Mismatch)

जब जिला कोषालय के बहीखाता (Ledgers) प्रविष्टि रिकॉर्ड और वास्तविक बैंक/नकद रसीदों की कुल राशि में भिन्नता आती है, तो यह चेतावनी स्वतः जारी होती है।

LEDGER MISMATCH CHECK

लंबित नकद (Stale Deposits)

यदि कोई सांगठनिक संयोजक सस्यता राशि नकद प्राप्त कर चुका है और २४ घंटे के बाद भी उसने कोषाध्यक्ष को जमा नहीं किया है, तो यह अलर्ट सुरक्षा डैशबोर्ड पर चमकता है।

TIME WINDOW TRIGGER

अनाथ प्रविष्टि (Orphan Entry)

यदि बहीखाते (Ledger Entries) में कोई ऐसी मैन्युअल प्रविष्टि की जाती है जिसका कोई वैद्य रसीद संख्या या प्रमाण नहीं है, तो सिस्टम प्रविष्टि को ब्लॉक कर चेतावनी देता है।

INTEGRITY BLOCK

🕉️ ५. बहु-स्तरीय वित्तीय दायित्व (Role-Based Governance Matrix)

संगठन की वित्तीय शुचिता को बनाए रखने के लिए, तीन महत्वपूर्ण सांगठनिक उत्तरदायित्वों को कार्य के आधार पर पूर्णतः पृथक (Separation of Concerns) रखा गया है:

सांगठनिक संयोजक (Coordinators)

संग्रह कर्ता & सहायक

जमीनी कार्यकर्ताओं व साधारण सदस्यों से सीधे नकद या डिजिटल माध्यम से सस्यता संग्रह करने के लिए अधिकृत। इनके संग्रह की प्रविष्टि बहीखाते में केवल कोषाध्यक्ष की संपुष्टि (Confirmation) के बाद ही सक्रिय होती है।

संगठन कोषाध्यक्ष (Treasurers)

कोष रक्षक & नियंत्रक

जिलों, प्रांतों अथवा राष्ट्रीय स्तर के संपूर्ण तिजोरी कोष के वास्तविक स्वामी। संयोजकों से नकद प्राप्त कर बैंक जमा की पुष्टि करना, प्रविष्टियों को संपुष्ट (Approve/Confirm) करना और कोष की भौतिक सुरक्षा का दायित्व इन्हीं का है।

संगठन लेखाकार (Accountants)

बहीखाता लेखक & परीक्षक

संपूर्ण लेन-देन का रिकॉर्ड बहीखाते (Double-entry Ledger) में सुरक्षित करना, संगठन के खर्चों (Expenditures) को बिल-सहित इंद्राज करना, मासिक/वार्षिक ऑडिट तैयार करना और वित्तीय विसंगति चेतावनियों का समाधान करना।

आभार पत्र (Letter of Thanksgiving)

संविधान धन्यवाद ज्ञापन

मुख्य संरक्षक की ओर से संविधान निर्माण समिति के प्रति कृतज्ञता अभिव्यक्ति

मैं इन्द्र कुमार चतुर्वेदी मुख्य संरक्षक राष्ट्रीय हिन्दू संगठन संविधान समीक्षा का तल की गहराइयों से अभिनन्दन करता हूँ। राष्ट्रीय हिन्दू संगठन के संविधान निर्माण में अपना बहुमूल्य समय देने वाले तथा संगठन को एक सशक्त व नियमबद्ध स्वरूप प्रदान करने वाले संविधान समिति के सभी आदरणीय सदस्यों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपके द्वारा तैयार किया गया यह संविधान संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए एक मार्गदर्शिका और संगठन की आत्मा है।

राष्ट्रीय हिन्दू
संगठन
★ मुख्य संरक्षक ★
DATE: 30.09.2013 VERIFIED BY: OFFICIAL SEAL

Indra K. Chaturvedi

इन्द्र कुमार चतुर्वेदी

मुख्य संरक्षक, राष्ट्रीय हिन्दू संगठन

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

संविधान निर्माण समिति

संविधान समीक्षा एवं निर्माण समिति के मूर्धन्य सदस्य

जिन्होंने अहोरात्र परिश्रम कर राष्ट्रीय हिन्दू संगठन के इस ऐतिहासिक ग्रंथ का प्रारूप तैयार किया

श्री खेम चन्द्र सारस्वत

श्री खेम चन्द्र सारस्वत

अध्यक्ष (संविधान समिति)
श्री महेन्द्र नाथ मिश्र

श्री महेन्द्र नाथ मिश्र

उपाध्यक्ष (संविधान समिति)
श्री डॉ. महेन्द्र मिश्र

श्री डॉ. महेन्द्र मिश्र

सचिव (संविधान समिति)
श्री सारांश निगम

श्री सारांश निगम

सदस्य (संविधान समिति)
श्री यज्ञांश शर्मा

श्री यज्ञांश शर्मा

सदस्य (संविधान समिति)

मूल प्रतिलिपि गैलरी (Original Scans)

संविधान की मूल प्रतियों के स्कैन (प्रकल्प, धन्यवाद ज्ञापन एवं मुख्य पृष्ठ)

प्रकल्प पृष्ठ १
प्रकल्प पृष्ठ १
प्रकल्प पृष्ठ २
प्रकल्प पृष्ठ २
पृष्ठ ६ (Central)
पृष्ठ ६ (Central)
पृष्ठ ७ (National)
पृष्ठ ७ (National)
पृष्ठ ८ (Committees)
पृष्ठ ८ (Committees)
पृष्ठ ९ (State)
पृष्ठ ९ (State)
पृष्ठ १० (District)
पृष्ठ १० (District)
पृष्ठ १५ (Council)
पृष्ठ १५ (Council)
धन्यवाद ज्ञापन
धन्यवाद ज्ञापन
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