दिशा और लक्ष्य

संगठन के उद्देश्य

किन ध्येयों को सिद्ध करने के लिए हम कार्यरत हैं

राष्ट्रीय हिन्दू संगठन की स्थापना का मूल प्रयोजन हिन्दू समाज को जाग्रत करना, उसे परिवार-भाव से संगठित करना और एक ऐसे सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना है, जो विश्व-बंधुत्व और सनातन मूल्यों का वाहक बन सके। हमारे कार्य के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

समाज का संगठन

सम्पूर्ण हिन्दू समाज को जाति, पंथ, भाषा, और क्षेत्रीयता के भेदों से ऊपर उठाकर एक अखंड और समरस 'पारिवारिक इकाई' के रूप में संगठित करना।

सनातन संस्कारों का संरक्षण

नई पीढ़ी और परिवारों में सनातन जीवन-मूल्यों, आदर्शों, और परंपराओं का संचार करना, ताकि समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहे।

राष्ट्रिय चेतना का जागरण

प्रत्येक नागरिक के मन में भारत माता के प्रति उत्कृष्ट भक्ति एवं कर्तव्यबोध का निर्माण करना और राष्ट्र-विरोधी शक्तियों के विरुद्ध वैचारिक प्रतिकार करना।

सेवा एवं सहकार

अभावग्रस्त, शोषित, और संकटग्रस्त बंधुओं की सहायता के लिए सेवा कार्यों का संचालन करना और समाज में सहकार की भावना का विकास करना।

साप्ताहिक समागम की स्थापना

प्रत्येक नगर, ग्राम, और मोहल्ले में 'साप्ताहिक समागम' केंद्रों की स्थापना करना, जो समाज के निरंतर जागरण, चर्चा, और संगठन का स्थानीय आधार बन सकें। यह हमारा सबसे प्रमुख क्रियात्मक लक्ष्य है।

इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हमें संगठित शक्ति की आवश्यकता है।

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