IGRS Portal

शिकायत निवारण पोर्टल

एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली — आपकी आवाज़, संगठन की ज़िम्मेदारी। पारदर्शी, समयबद्ध, और उत्तरदायी।

कैसे काम करता है?

शिकायत दर्ज करने से लेकर समाधान तक — सरल और पारदर्शी प्रक्रिया

1

शिकायत दर्ज करें

ऑनलाइन फॉर्म भरें, प्रकार चुनें, विवरण दें

2

ट्रैकिंग ID प्राप्त करें

तुरंत ट्रैकिंग ID मिलेगी जिससे स्थिति देख सकते हैं

3

स्वचालित रूटिंग

शिकायत स्थानीय स्तर पर भेजी जाती है, 7 दिन में समाधान न होने पर स्वचालित उच्चीकरण

4

समाधान

समयबद्ध समाधान और पूर्ण पारदर्शिता के साथ आपको सूचित किया जाएगा

शिकायत स्थिति आँकड़े

58
कुल शिकायतें
20
लंबित
21
प्रगति में
17
समाधान

सफल समाधान गाथाएं

संगठन द्वारा त्वरित कार्रवाई कर हाल ही में सुलझाए गए कुछ मुख्य मामले

समाधानित
गौ रक्षा प्रकोष्ठ
आईडी: IGRS-2026-00052 22-May-2026

केराकत में लावारिस घायल सांडों के त्वरित उपचार हेतु एम्बुलेंस की कमी

केराकत कस्बे में दो सांडों की आपस में भयंकर लड़ाई के कारण दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर पशुओं को ले जाने वाले एम्बुलेंस या क्रेन की कोई व्यवस्था नहीं है। कृपया आपातकालीन स्तर पर सहायता भेजें।

समाधान नोट:

संगठन के स्वयंसेवकों ने तुरंत एक बड़ी लोडर गाड़ी की व्यवस्था की और दोनों घायल सांडों को सुरक्षित रूप से केराकत पशु चिकित्सालय पहुंचाया। डॉ. सिंह की देखरेख में उनका सफल प्राथमिक उपचार किया गया और अब वे स्वस्थ हैं।

समाधानित
मंदिर संरक्षण
आईडी: IGRS-2026-00006 22-May-2026

प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में फैली गंदगी व कुप्रबंधन

मेजा तहसील के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के भारी आवागमन के बावजूद कूड़ा-कचरा डंप किया जा रहा था। स्थानीय पंचायत इस पर ध्यान नहीं दे रही थी। कृपया मंदिर की गरिमा और स्वच्छता बहाल करने में सहायता करें।

समाधान नोट:

संगठन के स्थानीय ब्लॉक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के संयुक्त श्रमदान द्वारा मंदिर परिसर की पूर्ण सफाई कराई गई। प्रशासन से वार्ता कर कूड़ादान रखवाया गया है और मंदिर प्रबंधन समिति का गठन करके नियमित सफाई सुनिश्चित कर दी गई है।

समाधानित
गौ रक्षा प्रकोष्ठ
आईडी: IGRS-2026-00044 21-May-2026

लालगंज क्षेत्र में जंगली कुत्तों के हमले से घायल गायों की रक्षा

लालगंज के पथरीले जंगलों में आवारा घूम रही गायों पर जंगली कुत्तों के झुंड द्वारा हमला करके उन्हें लहूलुहान किया जा रहा है। सनातनी कार्यकर्ताओं द्वारा घायल गायों का उपचार करने के लिए अस्थायी गौ-चिकित्सा केंद्र शुरू करने में सहयोग दें।

समाधान नोट:

मिर्जापुर वन विभाग और स्थानीय पशु चिकित्सालय के सहयोग से १० गंभीर रूप से घायल गायों का रेस्क्यू किया गया और उनका सफल उपचार कर पास की सरकारी गौशाला में सुरक्षित भिजवा दिया गया है।

उच्चीकरण (Escalation) पदानुक्रम

ब्लॉक
0-7 दिन
ज़िला
7-14 दिन
प्रदेश
14-21 दिन
राष्ट्रीय
21+ दिन

* यदि 7 दिनों में शिकायत का समाधान नहीं होता, तो वह स्वचालित रूप से अगले स्तर पर उच्चीकृत हो जाती है।

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